10 हजार ई-व्हीकल पर 23.76 करोड़ की सब्सिडी, लेकिन चार्जिंग स्टेशन नदारद

घरेलू बिजली से चार्ज हो रहे ई-रिक्शा, कार और बाइक; शासन को उठाना पड़ रहा आर्थिक बोझ
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग स्टेशनों की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। पिछले तीन वर्षों में जनपद में करीब 10 हजार ई-व्हीकल खरीदे गए, जिन पर शासन की ओर से लगभग 23.76 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई।
विवरण के अनुसार, 6804 ई-रिक्शा पर प्रति वाहन 15 हजार रुपये की दर से 10 करोड़ 20 लाख 60 हजार रुपये, 75 ई-कारों पर प्रति वाहन एक लाख रुपये की दर से 75 लाख रुपये, 1626 ई-बाइक पर 5 हजार रुपये की दर से 81 लाख 30 हजार रुपये, तथा 800 लोडर पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई।
हालांकि, इन वाहनों को चार्ज करने के लिए कोई चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप अधिकांश वाहन संचालक इन्हें घरेलू बिजली से चार्ज कर रहे हैं, जबकि नियमानुसार कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन का उपयोग किया जाना चाहिए।
घरेलू कनेक्शन से चार्जिंग होने के कारण बिजली खपत तो बढ़ रही है, लेकिन बिल घरेलू दर पर चुकाया जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि चार्जिंग स्टेशन स्थापना को लेकर टाटा व अन्य कंपनियों से राज्य स्तर पर वार्ता चल रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिले में भी चार्जिंग स्टेशनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।



