
हर्षोदय टाइम्स
नई दिल्ली/लखनऊ। देश के प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय सहारा के सभी संस्करणों का प्रकाशन “अगले आदेश तक” के लिए रोक दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी कुछ यूनिटों में अख़बार का प्रकाशन आंशिक रूप से प्रभावित था, लेकिन अब सभी यूनिटों में नियमित अख़बार का प्रकाशन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस अचानक लिए गए फैसले से संगठन के भीतर कर्मचारियों, यूनिट प्रमुखों और स्टाफ के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों को भविष्य को लेकर गहरी चिंता सता रही है, वहीं यूनिट स्तर पर भी स्थिति असमंजसपूर्ण बनी हुई है। हालांकि प्रबंधन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
मीडिया जगत में राष्ट्रीय सहारा के इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं और सभी की निगाहें अब अगले आदेश और संभावित समाधान पर टिकी हुई हैं।



