उत्तर प्रदेशकुशीनगर

फाजिलनगर पोस्ट आफिस का बाबू मांग रहा घूस, घूस नहीं देने पर पिछले एक सप्ताह से नहीं कर रहा जमाकर्ताओं को भुगतान

  • रिश्वतखोरी के आरोप में फंसे फाजिलनगर पोस्ट आफिस के कर्मचारी रमेश सिंह
  • मनबढ़ और घूसखोर कर्मचारी के कारण जहां एक तरफ हो रहा उपभोक्ताओं का दोहन और उत्पीड़न, वहीं विभागीय योजनाओं पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव


कुशीनगर। फाजिलनगर डाकघर में कार्यरत कर्मियों की मनमानी और लापरवाही के चलते खाताधारक अनिल किशोर पांडेय और बिन्दु पांडेय को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। दोनों ने अपने राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) की परिपक्वता पर भुगतान हेतु गोरखपुर पोस्ट ऑफिस का खाता नंबर दिया, लेकिन वहां के बड़े बाबू रमेश सिंह ने यह कहकर भुगतान रोक दिया कि “इस खाते में पैसा नहीं जाएगा।”

खातेदारों का आरोप है कि कई चक्कर लगाने और लगातार अनुरोध करने के बाद तीसरे दिन फाजिलनगर पोस्ट ऑफिस के ही खाते में राशि ट्रांसफर की गई। उसके बाद गोरखपुर में रहने के कारण उन्हें फिर से गोरखपुर से फाजिलनगर आना पड़ा, ताकि राशि को गोरखपुर खाते में ट्रांसफर कराया जा सके। लेकिन इस बार बड़े बाबू ने कहा कि “पोस्ट ऑफिस के खाते में नहीं भेजा जाएगा, किसी बैंक का खाता दीजिए।”

संबंधित खाताधारकों ने बताया कि RTGS फॉर्म और सभी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद भी पांच दिन बीतने के बावजूद पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ। बार-बार फोन व संपर्क करने पर भी सिर्फ आश्वासन दिया गया।

खाताधारक का कहना है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें न केवल कई हजार रुपये का यात्रा व्यय करना पड़ा, बल्कि एक जमीन खरीदने का एडवांस सौदा भी टूट गया। अब उसी जमीन के लिए उन्हें पाँच लाख रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी कमीशन और घूस के चक्कर में उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे हैं।”

इस पूरे प्रकरण पर खातेदारों द्वारा पोस्ट मास्टर जनरल को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की गई है, ताकि दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सके।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की कार्यशैली से न केवल आम जनता का उत्पीड़न हो रहा है, बल्कि डाकघर की बचत योजनाओं में लोगों का भरोसा भी लगातार कम हो रहा है।

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