खेतों में फसल खड़ी, कागजों में चला समतलीकरण

ग्राम पंचायत पकड़ी दीक्षित में 11 लाख से अधिक की गड़बड़ी का आरोप
स्थल सत्यापन बिना किए ई-एमबी के आधार पर निकाली गई धनराशि, जांच की मांग
परतावल / महराजगंज जनपद में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पकड़ी दीक्षित में रबी की फसल लहलहाने के बावजूद समतलीकरण व मेड़बंदी कार्य के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि बिना मौके पर कार्य कराए और बिना किसी भौतिक सत्यापन के ई-एमबी (मेजरमेंट बुक) के आधार पर धनराशि निकाल ली गई।
अभिलेखों के अनुसार, ग्राम पंचायत पकड़ी दीक्षित में जनवरी 2026 तक कुल लगभग 11.46 लाख रुपये समतलीकरण व मेड़बंदी कार्य के नाम पर भुगतान किया गया। इनमें अली हुसैन के खेत के नाम पर 1,74,636 रुपये, धनश्याम पटेल के खेत पर 1,20,960 रुपये, अजय पटेल के खेत पर 1,70,100 रुपये तथा सुबुद्दीन के खेत के नाम पर 1,76,148 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। जबकि इन सभी खेतों में उसी अवधि में गेहूं की फसल खड़ी पाई गई, जिससे कार्य होने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे अधिक भुगतान ग्राम पंचायत पकड़ी दीक्षित में ही किया गया है। शिकायत के अनुसार, रिजवानुल्लाह के खेत के नाम पर 1,80,180 रुपये तथा रामबृक्ष के खेत में 1,64,808 रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जबकि 26 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच इन खेतों में भी फसल मौजूद थी। इसी क्रम में सिद्धिक के खेत के नाम पर 1,59,516 रुपये का भुगतान दिखाया गया, जबकि मौके पर गेहूं की फसल लहलहाती मिली।
इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी तकनीकी सहायक द्वारा स्थल निरीक्षण किए और बिना कार्य कराए भुगतान कर दिया गया। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार गौतम ने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी और यदि बिना कार्य के भुगतान पाया गया तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



