फर्जी मुकदमों और झूठी गवाही पर सख्ती

प्रयागराज/लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश में फर्जी मुकदमे दर्ज कराने, झूठी गवाही देने और पुलिस को गलत सूचना देने वालों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अदालत ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में राजीव कृष्णा ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें पूरे प्रदेश में ऐसे प्रकरणों को चिन्हित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सुनियोजित तरीके से झूठे मुकदमों और भ्रामक सूचनाओं की पहचान की जाए।

बैठक में यह तय किया गया कि अगले 60 दिनों के भीतर चिन्हित मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस कदम से न्याय व्यवस्था के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और निर्दोष लोगों को राहत मिलेगी।










