घुसपैठ और मतांतरण पर सख्त रुख, ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ की कही बात

नई दिल्ली। मोहन भागवत ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लालच और जबरदस्ती कराए जा रहे मतांतरण पर प्रभावी रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को इस विषय पर सजग रहना होगा और ऐसे किसी भी प्रयास का संगठित रूप से प्रतिरोध करना चाहिए।
उन्होंने ‘घर वापसी’ के अभियान को तेज करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि जो लोग स्वेच्छा से हिंदू धर्म में लौटना चाहते हैं, उनका समुचित मार्गदर्शन और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे सम्मानपूर्वक समाज में पुनः स्थापित हो सकें।
देश में बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए सरसंघचालक ने कहा कि घुसपैठियों को “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को किसी प्रकार का रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।



