जेठानी की जगह परीक्षा दे रही देवरानी पकड़ी गई, नौ दिन बाद दोनों को मिली जमानत

काशीनाथ पाण्डेय ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के दौरान फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दे रही एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि देवरानी अपनी जेठानी को पास कराने के उद्देश्य से उनके स्थान पर परीक्षा दे रही थी। बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान फिंगरप्रिंट मेल न खाने पर मामला खुल गया। पुलिस ने मौके से कूटरचित एडमिट कार्ड और आधार कार्ड भी बरामद किया।
जानकारी के अनुसार, सिंधोरा थाना क्षेत्र के चकरमा स्थित सुभाषचंद्र महाविद्यालय में 9 फरवरी को आयोजित सीटीईटी परीक्षा की प्रथम पाली में कक्ष संख्या पांच में अभ्यर्थी अर्चना यादव पत्नी परमानंद का बायोमैट्रिक मिलान कराया गया। मिलान में गड़बड़ी पाए जाने पर इसकी सूचना तत्काल सीटीईटी मुख्यालय को दी गई। पुष्टि के बाद कक्ष निरीक्षक ने महिला को पुलिस के हवाले कर दिया।
थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पकड़ी गई महिला अर्चना देवी, निवासी पहलवानपुर, मेहनगर (आजमगढ़), अपनी जेठानी मंजू देवी के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों महिलाओं को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
मामले की सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने दोनों आरोपितों देवरानी अंजू यादव और जेठानी अर्चना यादव को 50-50 हजार रुपये की दो-दो जमानतें और बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह और अंकुर श्रीवास्तव ने अदालत में पक्ष रखा। नौ दिन जेल में रहने के बाद दोनों को जमानत मिल गई।



