उत्तर प्रदेशमहराजगंज

नौतनवा के शिवपुरी में नोटिस के अगले दिन फिर फर्जी हाजिरी का आरोप, एनएमएमएस ऐप पर उठे सवाल

नोटिस बना कागज़ी कार्रवाई, जिम्मेदारों की मिलीभगत से बेखौफ जारी है फर्जीवाड़ा

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो

महराजगंज। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू National Mobile Monitoring System (एनएमएमएस) ऐप को लेकर नौतनवा विकासखंड में एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

नौतनवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवपुरी में मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए 25 फरवरी 2026 को खंड विकास अधिकारी नौतनवा द्वारा नोटिस जारी किया गया था। किंतु आरोप है कि नोटिस जारी होने के ठीक अगले दिन 26 फरवरी को उसी ग्राम सभा में एनएमएमएस ऐप पर दोबारा संदिग्ध फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज कर दी गई।

25 फरवरी को आठ मास्टर रोल पर लोड किया गया फोटो

जानकारी के अनुसार 26 फरवरी 2026, दिन बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत शिवपुरी में नेवास अली के खेत से परसा मलिक थाना तक कुला खुदाई का कार्य मनरेगा के तहत कराया जा रहा था। इसी कार्य से जुड़े आठ अलग-अलग मास्टर रोल संख्या—7479, 7480, 7481, 7482, 7483, 7484, 7528 और 7529—पर कुल 74 श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दिखाई गई है।

गंभीर आरोप यह है कि इन आठों मास्टर रोल पर अपलोड की गई तस्वीरों में कुछ श्रमिकों के चेहरे समान रूप से दिखाई दे रहे हैं

स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर वास्तविक मजदूरों की संख्या काफी कम थी, जबकि ऐप पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दर्शाई गई है। इससे फर्जी हाजिरी दर्ज कर भुगतान निकालने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नोटिस जारी होने के बाद भी बिना किसी भय के दोबारा संदिग्ध फोटो अपलोड किया जाना जिम्मेदारों की मिलीभगत की ओर संकेत करता है।

इस संबंध में पूछे जाने पर खंड विकास अधिकारी अमित मिश्रा ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


अब देखना यह होगा कि ब्लॉक प्रशासन और जिला स्तरीय अधिकारी इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में पारदर्शिता बहाल करने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

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