उत्तर प्रदेशमहराजगंज

बंद कमरे में 25 मिनट की मुलाकात: पूर्व CBI चीफ और शंकराचार्य की चर्चा से बढ़ी हलचल

काशीनाथ पाण्डेय ब्यूरो


वाराणसी। काशी स्थित श्री विद्या मठ में मंगलवार को हुई एक अहम मुलाकात ने धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। देश की प्रमुख जांच एजेंसी के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से करीब 25 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत की। बैठक के दौरान मठ परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई, जिससे इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है।


सूत्रों के अनुसार शुरुआत में इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि चर्चा हालिया विवाद से जुड़ी थी। बताया जा रहा है कि 18 जनवरी 2026 को प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य की परंपरागत पालकी यात्रा को रोके जाने के बाद उत्पन्न हुए विवाद पर विस्तार से बातचीत हुई।


जानकारी के मुताबिक एक सिविल सोसाइटी समूह इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कर रहा है, जिसमें पूर्व CBI निदेशक की सहभागिता बताई जा रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि प्रशासन ने पालकी यात्रा को किस आधार पर रोका, क्या आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेज पूरे थे और निर्णय किस स्तर पर लिया गया।


इस मामले ने धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। हालांकि बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले घटनाक्रम का पक्ष जानना इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य था। अब सबकी निगाहें स्वतंत्र जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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