रंगभरी एकादशी पर रंगों में डूबी काशी, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजे शिवालय

बाबा कर्मदेश्वर मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया पर्व, चार दिवसीय होली महोत्सव का आगाज
काशीनाथ पाण्डेय ब्यूरो
वाराणसी। मोक्ष की नगरी काशी शुक्रवार को आस्था, परंपरा और उल्लास के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आई। पावन अवसर था रंगभरी एकादशी का, जब काशी के प्रमुख शिवालयों में भगवान शिव और माता पार्वती के गौना उत्सव की परंपरा बड़े हर्षोल्लास के साथ निभाई गई।
विशेष रूप से बाबा कर्मदेश्वर मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। मंदिर प्रांगण में डमरुओं की गूंज, शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल अर्पित कर बाबा भोलेनाथ और मां गौरा के साथ होली खेली तथा मंगलकामनाएं मांगीं।
धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती को गौना कराकर काशी लाते हैं और भक्तों को होली खेलने की अनुमति देते हैं। परंपरा के अनुसार, काशीवासी सबसे पहले अपने आराध्य शिव-पार्वती के साथ होली खेलकर उत्सव की शुरुआत करते हैं।
रंगभरी एकादशी के साथ ही काशी में चार दिवसीय होली महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है। आने वाले दिनों में मंदिरों, घाटों और गलियों में फाग, भजन-कीर्तन और रंगोत्सव की धूम देखने को मिलेगी।
पूरा शहर अब महादेव के रंग में रंगा नजर आ रहा है और काशी की फिजा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान है।



