रेहाव में मनरेगा कार्य पर फर्जी हाजिरी का आरोप, एनएमएमएस ऐप की तस्वीरों पर उठे सवाल

नौ मास्टर रोल में 89 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज, कई चेहरों के दोहराव की चर्चा; ग्रामीणों ने मांगी निष्पक्ष जांच
महराजगंज। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू National Mobile Monitoring System (एनएमएमएस) ऐप एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला मिठौरा ब्लॉक की रेहाव ग्राम पंचायत से जुड़ा है, जहां बंधा निर्माण कार्य के दौरान ऑनलाइन दर्ज हाजिरी पर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं।
बताया जा रहा है कि 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को ग्राम पंचायत रेहाव में कुटी से चेतन सिंह के खेत तक बंधा निर्माण कार्य मनरेगा के तहत कराया जा रहा था। इसी दौरान एनएमएमएस ऐप पर अपलोड की गई उपस्थिति की जांच में कथित गड़बड़ी सामने आई।
ग्रामीणों के अनुसार मास्टर रोल संख्या 8934, 8935, 8936, 8937, 8938, 8939, 8940, 8941 व 8942 में कुल 89 श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की गई है। आरोप है कि इन अलग-अलग मास्टर रोल पर अपलोड तस्वीरों में कुछ चेहरे समान दिखाई दे रहे हैं, जिससे फर्जी हाजिरी की आशंका प्रबल हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर वास्तविक मजदूरों की संख्या कम थी, जबकि ऐप पर अधिक श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिख रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इस प्रकार की अनियमितता से योजना की राशि का दुरुपयोग हो सकता है और वास्तविक जरूरतमंद श्रमिकों को उनका हक नहीं मिल पाएगा।

ग्रामवासियों ने ब्लॉक प्रशासन और जिला स्तरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मनरेगा जैसी श्रम आधारित जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।



