रंगभरी एकादशी पर पालकी में सजे बाबा विश्वनाथ-मां गौरा, आज होगा गौना उत्सव

काशीनाथ पाण्डेय ब्यूरो
वाराणसी। फाल्गुन शुक्ल एकादशी के पावन अवसर पर शुक्रवार को काशी में रंगभरी एकादशी का उल्लास चरम पर रहा। परंपरा के अनुसार काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ और मां गौरा की चल प्रतिमाओं को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। डमरू-शंख की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।


रंगभरी एकादशी को बाबा के गौना उत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि विवाह के उपरांत इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती को लेकर काशी आए थे, जिसकी स्मृति में यह परंपरा निभाई जाती है। भक्तों ने अबीर-गुलाल अर्पित कर बाबा-गौरा का स्वागत किया और मंदिर परिसर में विशेष पूजन-अर्चन संपन्न हुआ।
उत्सव के साथ ही काशी में होली के आध्यात्मिक पर्व की औपचारिक शुरुआत भी मानी जाती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आज गौना की रस्म के साथ मंदिर में विशेष श्रृंगार और दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहेगा, जिससे पूरे नगर में उत्सव का माहौल बना हुआ है।



