गाजे-बाजे और जयकारों के बीच निकली 1001 कन्याओं की भव्य कलश यात्रा, शुरू हुआ श्री शतचंडी महायज्ञ

कारण माता मंदिर परिसर से निकली भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालु रहे शामिल
महराजगंज। पनियरा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा नेवास पोखर स्थित कारण माता मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले श्री श्री शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण और भक्ति गीतों की गूंज के बीच निकली इस यात्रा में 1001 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और आस्था के साथ भाग लिया।
कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे और भक्ति धुनों के बीच प्रारंभ हुई। यात्रा परसहवा, पनियरा बाजार होते हुए मंगरहिया बाजार तक पैदल पहुंची। इसके बाद श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप व अन्य वाहनों से डिंगुरी, कुआंचाप, चौरी, कौवाठोर, मुजुरी बाजार और लक्ष्मीपुर होते हुए पवित्र रोहिन नदी के भौराबारी घाट पहुंचे। वहां यज्ञाचार्य पंडित केशवानंद शास्त्री द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर कलशों में पवित्र जल भरवाया गया। इसके बाद जल लेकर श्रद्धालु पुनः मंदिर के लिए रवाना हुए।
कलश यात्रा में हजारों की संख्या में ग्रामीण, क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यात्रा के दौरान डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों और जय मां दुर्गा, जय शिव शंकर के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। जिन-जिन बाजारों से यात्रा गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ स्वागत किया और वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो उठा।
यज्ञकर्ता पारसनाथ यादव और मंदिर के पुजारी मोहन दास जी महाराज की देखरेख में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। यज्ञाचार्य पंडित केशवानंद शास्त्री एवं अन्य पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूरे आयोजन को विधि-विधान से सम्पन्न कराया।

कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए जनपदीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पनियरा पुलिस ने अन्य सुरक्षा कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा संपन्न कराई, जिसके लिए यज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
यज्ञकर्ता पारसनाथ यादव ने बताया कि महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संत-महात्माओं एवं मानस प्रवचनकर्ताओं द्वारा प्रवचन किया जाएगा। वहीं रात्रि 8 बजे से 3 बजे तक रामचरितमानस आधारित रामलीला पाठ का मंचन भी होगा।
इस अवसर पर आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों महिला, पुरुष और बच्चों ने आस्था और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।



