इंडियन गैस एजेंसी महराजगंज के द्वारा सप्लाई में खेल : बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर

दस–दस दिन की देरी, फर्जी डिलीवरी मैसेज से उपभोक्ता परेशान
बिचौलियों पर ओटीपी लेकर सिलेंडर हड़पने का आरोप, एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। जनपद में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुकिंग के कई दिन बाद भी सिलेंडर न मिलने, फर्जी डिलीवरी मैसेज आने और ओटीपी के जरिए ठगी कर गैस उठाए जाने के मामलों ने नगर पालिका स्थित इंडियन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ता परेशान हैं।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। विशनपुरा निवासी एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने 6 मार्च को गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। परिवार को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह रही कि शुक्रवार को उनके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज भी आ गया, जबकि हकीकत में उन्हें सिलेंडर मिला ही नहीं।
इसी तरह नगर पालिका क्षेत्र के सुभाष नगर वार्ड की निवासी कनिश साहिल, पत्नी जुबेर खान, ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 5 मार्च को बुकिंग कराने के बाद 7 मार्च को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें ओटीपी मांगा गया। ओटीपी साझा करने के बाद उनका सिलेंडर किसी अन्य व्यक्ति को डिलीवर कर दिया गया। अब उनके घर में गैस खत्म हो चुकी है और उन्हें लकड़ी के सहारे खाना बनाना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी से जुड़े कुछ बिचौलिए सुनियोजित तरीके से इस पूरे खेल को अंजाम दे रहे हैं। बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को फोन कर ओटीपी हासिल कर लिया जाता है और उसी के आधार पर सिलेंडर को दूसरे ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है। इस गड़बड़ी में उपभोक्ता सीधे तौर पर ठगी का शिकार हो रहे हैं, जबकि जिम्मेदार एजेंसियां कार्रवाई से बचती नजर आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की समस्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही अनियमितता है। गैस की किल्लत के कारण कई घरों में फिर से पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है, जो सरकार की स्वच्छ ईंधन योजना के उद्देश्य पर भी सवाल खड़ा करता है।
इस संबंध में इंडियन गैस एजेंसी के मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दिए गए मोबाइल नंबर 9415280469 पर तीन बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं किया गया।
अब सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन गैस की कालाबाजारी और अनियमितताओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहा है, तब भी आखिर ऐसी घटनाएं क्यों रुक नहीं पा रही हैं। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।



