फर्जी आर्मी अधिकारी बनकर 14 लाख की ठगी, एसटीएफ ने आरोपी को दबोचा

काशीनाथ पाण्डेय ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी। भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बल और रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को एसटीएफ वाराणसी ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को आर्मी इंटेलिजेंस में कमांडिंग ऑफिसर बताकर लोगों को झांसे में लेता था और उनसे लाखों रुपये ऐंठता था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली निवासी धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने सर्विलांस और धरातलीय जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि धर्मेन्द्र पाण्डेय ने खुद को सेना का अधिकारी बताकर कई लोगों से रेलवे, शिक्षा विभाग और आर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर अलग-अलग खातों के माध्यम से करीब 14 लाख रुपये वसूले। मिर्जापुर निवासी एक पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उससे रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपये लिए थे।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन, 2 रक्षा मंत्रालय के आईडी कार्ड, 3 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 2 ड्राइविंग लाइसेंस, 3 एटीएम कार्ड, 2 अंकपत्र व 1 शैक्षिक प्रमाण पत्र बरामद किए गए। इसके अलावा एक काला बैग, पासपोर्ट, एप्पल घड़ी, एयरफोन और अन्य सामान भी मिला।
एसटीएफ टीम ने सभी बरामद वस्तुओं को सील कर कब्जे में ले लिया है। आसपास के लोगों ने भी बताया कि आरोपी खुद को मिलिट्री अधिकारी बताता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसटीएफ द्वारा की गई इस कार्रवाई से फर्जीवाड़ा कर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।



