धानी बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने की उठी मांग

सुनील मणि त्रिपाठी (धानी बाजार)
महराजगंज। व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहे धानी बाजार को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धानी बाजार का इतिहास दशकों पुराना है, जब यहां से नदी मार्ग द्वारा कोलकाता तक व्यापार होता था। यह बाजार लंबे समय तक देसी केले के प्रमुख व्यापार केंद्र के रूप में भी जाना जाता रहा है। धानी क्षेत्र से पूर्व विधायक गौरीराम गुप्ता और पियारी देवी का चुनाव हुआ, जिनके कार्यकाल में धानी ब्लॉक, अस्पताल और प्राथमिक विद्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की स्थापना हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोरखपुर से अलग होकर महाराजगंज जनपद बनने के बाद धानी बाजार उपेक्षा का शिकार हो गया। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूर्व मंत्री श्यामनायण तिवारी, विनोद तिवारी, बजरंग बहादुर सिंह और वर्तमान विधायक वीरेंद्र चौधरी ने किया, लेकिन किसी ने भी धानी को नगर पंचायत बनाए जाने की दिशा में ठोस पहल नहीं की। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धानी बाजार, धानी गांव और सिकंदरा जीतपुर लगभग दो किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं और इनकी कुल मतदाता संख्या 20 हजार से अधिक हो चुकी है, जो नगर पंचायत के मानकों को पूरा करती है।
वर्तमान समय में धानी बाजार में भारतीय स्टेट बैंक, पूर्वांचल ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, पुलिस चौकी, पोस्ट ऑफिस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुर्वेदिक अस्पताल, जल निगम कार्यालय, डिग्री कॉलेज, संस्कृत महाविद्यालय, तीन इंटर कॉलेज, तीन हाईस्कूल, प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा धानी–खड़खड़िया पुल संत कबीर नगर, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर जनपदों को जोड़ता है। इन सभी आधारों पर ग्रामीणों का कहना है कि धानी बाजार पूर्ण रूप से नगर पंचायत बनने योग्य है। स्थानीय ग्रामीण रवि प्रताप सिंह, पूर्व प्रधान अनिल, सपा नेता रमेश सैनी, युवा नेता अविनाश प्रताप सिंह, दीपांशु मणि त्रिपाठी सहित अन्य लोगों ने उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से धानी बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग की है।



