परतावल में मनरेगा कार्यों पर उठे सवाल, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। विकास खंड परतावल में मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए खेत समतलीकरण और मेड़बंदी कार्यों को लेकर उठी शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कथित अनियमितताओं के संबंध में जिलास्तर से जांच के आदेश जारी किए गए हैं और संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई ग्राम पंचायतों में खेत समतलीकरण और मेड़बंदी के नाम पर कार्य दर्शाकर भारी भुगतान कराया गया है, जबकि भौगोलिक एवं मौसमी परिस्थितियों के मद्देनजर उक्त अवधि में ऐसे कार्य संभव नहीं थे। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में एपीओ दिलीप कुमार गौतम, एडीओ आईएसबी सुजीत कुमार गौड़ तथा लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह को शामिल किया गया है। जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
खंड विकास अधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों, तकनीकी सहायकों एवं रोजगार सेवकों को आवश्यक अभिलेखों के साथ जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि तराई क्षेत्र में नवंबर के अंत तक रबी फसल की बुआई पूर्ण हो जाती है, ऐसे में दिसंबर और जनवरी माह में खेत समतलीकरण कराए जाने पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। फिलहाल जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



