उत्तर प्रदेशमहराजगंज

महराजगंज में एनएमएमएस ऐप से ग्रुप फोटो हटे, फर्जी हाजिरी की आशंका बढ़ी

महराजगंज। जिले में मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। 1 मार्च से एनएमएमएस (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) ऐप पर मास्टर रोल के साथ अपलोड होने वाले मजदूरों के ग्रुप फोटो को हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाए जाने की आशंका बढ़ गई है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एनएमएमएस ऐप अनिवार्य किया गया था। अब तक कार्यस्थल पर मौजूद मजदूरों का ग्रुप फोटो खींचकर अपलोड किया जाता था, जिससे वास्तविक उपस्थिति का प्रमाण मिलता था। लेकिन ग्रुप फोटो की व्यवस्था हटने से निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ने की बात कही जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि समूह फोटो हटने से एक ही फोटो के आधार पर कई नामों की हाजिरी दिखाने या बिना मजदूरों की उपस्थिति के भी एंट्री करने की संभावना बढ़ सकती है। इससे शासन की मंशा के विपरीत अपारदर्शिता और वित्तीय अनियमितताओं का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। जानकारों का मानना है कि यदि वैकल्पिक निगरानी तंत्र मजबूत नहीं किया गया तो मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण रोजगार कार्यक्रम की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि या तो ग्रुप फोटो की व्यवस्था पुनः बहाल की जाए या फिर ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू की जाए जिससे फर्जी हाजिरी की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।

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