देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं : मुख्यमंत्री

लखनऊ, 5 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने अपनी पाती (पत्र) के माध्यम से प्रदेशवासियों से साइबर अपराधियों और ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही इस तरह से पैसे की मांग करती है। ऐसे दावे पूरी तरह से भ्रामक और ठगी का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी सरकार साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की रोकथाम के लिए साइबर कमांडो की तैनाती की गई है और व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं अपनी पाती के जरिए जनता को जागरूक किया है और इस संदेश को मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यूपी पुलिस द्वारा ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे फर्जी हथकंडों के खिलाफ एक जागरूकता लघु फिल्म भी जारी की गई है। इस फिल्म को बीते चार दिनों में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 17 लाख 30 हजार से अधिक लोगों ने देखा और सराहा है। यह फिल्म साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से आम नागरिकों को सचेत करने और भयमुक्त होकर सही कदम उठाने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मोबाइल और कंप्यूटर ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने थे, जबकि आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने सक्रिय हैं और हर जिले में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि साइबर ठग डराने-धमकाने के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि ऐसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के उपयोग में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से साझा की जाने वाली तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन का दुरुपयोग अपराधी कर सकते हैं। व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। यदि साइबर अपराध हो जाए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।
डिजिटल अरेस्ट विषय पर बनी इस लघु फिल्म में अभिनेता नाना पाटेकर ने अभिनय किया है। चार दिनों में यूट्यूब पर इसे 10 लाख 42 हजार से अधिक लोगों ने देखा, जबकि एक्स पर 1 लाख 26 हजार, इंस्टाग्राम पर 42 हजार और फेसबुक पर 20 हजार से अधिक व्यूज मिले। इसके अलावा व्हाट्सएप चैनलों और डिजिटल वॉलंटियर ग्रुप्स के जरिए करीब 5 लाख लोगों तक यह संदेश पहुंचा। ये आंकड़े बताते हैं कि साइबर सुरक्षा आज आमजन के लिए कितना अहम विषय बन चुका है और योगी सरकार प्रदेशवासियों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए कितनी गंभीर।



