कमता बुजुर्ग में स्वच्छता मद के भुगतान पर उठे सवाल, फर्म की वैधता पर भी घिरा पंचायत प्रशासन

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। पनियरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कमता बुजुर्ग में स्वच्छता सामग्री की खरीद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पंचम राज्य वित्त आयोग की धनराशि से किए गए भुगतान पर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 17 मार्च 2025 को स्वच्छता सामग्री की खरीद दर्शाते हुए “पूर्वांचल ट्रेडर्स” नामक फर्म को 39,880 रुपये का भुगतान किया गया। सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि जिस फर्म को भुगतान किया गया, उसके पास कृषि विभाग का वैध लाइसेंस नहीं है, जबकि उसी फर्म से खरपतवार नाशक एवं कीटनाशक, विशेष रूप से एंटी-लार्वा दवा की खरीद दर्शाई गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिना लाइसेंस के कीटनाशक दवाओं की बिक्री नियमों के विपरीत है। ऐसे में स्वच्छता सामग्री के नाम पर भुगतान किया जाना संदेह पैदा करता है। आरोप यह भी लगाया गया है कि बिल-बाउचर वास्तविक न होकर केवल कागजी खानापूर्ति के लिए तैयार किए गए, ताकि सरकारी धन का भुगतान कराया जा सके।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत कई बार धनराशि खर्च दिखायी गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो पर्याप्त सामग्री दिखाई दे रही है और न ही सफाई व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नजर आ रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अभिलेखों, स्टॉक रजिस्टर और मौके की जांच कराई जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो पूरे प्रकरण का खुलासा हो सकता है।
इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। वहीं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने कहा है कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर मामले की पारदर्शी जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि पंचायत स्तर पर सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके और स्वच्छता योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आमजन तक पहुंच सके।



