एनएमएमएस ऐप पर उठे सवाल, गोपाल ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य में फर्जी हाजिरी का आरोप

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। केंद्र सरकार की प्रमुख रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला सिसवा विकासखंड के गोपाल ग्राम पंचायत से सामने आया है।

जानकारी के अनुसार 22 एवं 23 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत में विमल के खेत से हिरण नदी तक कराए जा रहे नाली सफाई कार्य के दौरान एनएमएमएस ऐप पर दर्ज श्रमिकों की उपस्थिति में कथित अनियमितता पाई गई। बताया जा रहा है कि 10 अलग-अलग मास्टर रोल संख्या पर अपलोड की गई तस्वीरों में कुछ श्रमिकों के चेहरे समान दिखाई दे रहे हैं। इन मास्टर रोल में कुल श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दर्शाई गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर वास्तविक मजदूरों की संख्या कम होने के बावजूद ऐप पर फर्जी हाजिरी दर्ज कर भुगतान निकालने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि श्रम आधारित इस महत्वपूर्ण योजना में यदि इस प्रकार की गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा नुकसान गरीब एवं जरूरतमंद मजदूरों को उठाना पड़ेगा।
ग्रामवासियों ने ब्लॉक प्रशासन तथा जिला स्तरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।



