उत्तर प्रदेशमहराजगंज

बदहाल “आदर्श” गौ सदन: 10 दिनों से पशु बीमार , बिजली ठप, पानी दूषित, केयर टेकरों को 3 माह से मानदेय नहीं

पनियरा ब्लॉक के चन्दन चाफी स्थित जिला पंचायत गौ सदन की स्थिति पर उठे सवाल, ग्रामीणों में रोष

महराजगंज जिले के पनियरा विकास खंड के चन्दन चाफी में स्थित आदर्श जिला पंचायत गौ सदन की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। नाम भले ही “आदर्श” हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। अव्यवस्थाओं के चलते यह गौ सदन अब स्थानीय लोगों और चौराहों पर चर्चा का विषय बन गया है।


मीडिया टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। गौ सदन में तैनात केयरटेकर भगवत पासवान और गीता देवी ने बताया कि यहां कुल 26 गोवंश मौजूद हैं, जिनमें से दो पिछले 10 दिनों से बीमार हैं। कई बार जिम्मेदारों को फोन के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई भी डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा।


केयरटेकरों के अनुसार, गौ सदन में बीते 12 वर्षों से बिजली की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। लगाया गया सोलर सिस्टम भी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे रात्रि के समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं पशुओं के लिए समुचित चारा हरा चारा, गुड़ आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। एक ट्राली भूसा और 9 बोरी चोकर ही मुख्य सहारा बना हुआ है।


पानी की व्यवस्था भी बेहद खराब है। पशुओं के लिए बनाई गई टंकी पूरी तरह दूषित हो चुकी है, जिसके कारण केयरटेकरों को नल के माध्यम से पानी पिलाना पड़ रहा है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।


सबसे गंभीर मामला केयरटेकरों के मानदेय को लेकर सामने आया है। दोनों केयरटेकरों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन महीनों से भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।


इस संबंध में जब जिला पंचायत से जुड़े संदीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग को समय से बजट नहीं मिल पाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा महंगाई में प्रति पशु 50 रुपये की दर से मिलने वाली राशि बेहद कम है, जिससे समुचित व्यवस्था कर पाना मुश्किल हो रहा है।


वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने इस दावे पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि 26 पशुओं के हिसाब से प्रतिदिन 50 रुपये प्रति पशु की दर से राशि मिलती है, तो एक दिन में कुल 1300 रुपये और महीने में लगभग 39 हजार रुपये की धनराशि बनती है। इसके बावजूद गौ सदन की स्थिति में सुधार न होना गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए गौ सदन की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो पशुओं की जान पर खतरा मंडरा सकता है।

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