उत्तर प्रदेशमहराजगंज

जंगल से नेपाल सीमा तक लकड़ी तस्करी का जाल, 39 आरोपी जेल फिर भी बड़े सवाल कायम


तीन वर्षों में 243.81 आयतन प्रकाष्ठ जब्त, 65.12 लाख की लकड़ी पकड़ी गई; 95.58 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया


महराजगंज। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के जंगलों से लेकर नेपाल की खुली सीमा तक अवैध लकड़ी कटान और तस्करी के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई के आंकड़े अभियान की व्यापकता को सामने रखते हैं। बीते तीन वित्तीय वर्षों में विभाग ने 243.81 आयतन प्रकाष्ठ जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 65.12 लाख रुपये बताई गई है। इस दौरान 39 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।साइकिल, बाइक और पिकअप से लेकर डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली, नाव और अन्य वाहन भी जब्त किए गए।


कार्रवाई और बरामदगी के इन आंकड़ों के बीच सवाल यह है कि क्या अभियान लकड़ी काटने और उसे ढोने वाले लोगों तक ही सीमित है, या फिर जंगल से लकड़ी निकलने के बाद उसे खरीदने, खपाने और अवैध आरा मशीनों तक पहुंचाने वाले बड़े नेटवर्क की भी उसी गंभीरता से पड़ताल हो रही है।


2023-24 में सबसे अधिक आरोपी गिरफ्तार


विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में 23.61 लाख रुपये मूल्य की 86.05 आयतन लकड़ी जब्त की गई। इस दौरान 21 आरोपियों को जेल भेजा गया। कार्रवाई में 48 साइकिल, चार पिकअप, सात मोटरसाइकिल, एक डीसीएम और चार ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त किए गए।
वर्ष 2024-25 में 21.24 लाख रुपये कीमत की 77.246 आयतन लकड़ी बरामद हुई। इस मामले में आठ आरोपियों को जेल भेजा गया। विभाग ने एक मिनी आरा मशीन, 34 साइकिल, तीन मोटरसाइकिल और चार पिकअप जब्त किए।
वर्ष 2025-26 में 20.25 लाख रुपये की 80.5199 आयतन प्रकाष्ठ जब्त की गई और 10 आरोपी जेल भेजे गए। इस दौरान 50 साइकिल, पांच पिकअप, दो मोटरसाइकिल, एक नाव, एक ट्रैक्टर, एक टेंपो और एक मैजिक वाहन भी कार्रवाई की जद में आए।


चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 4.72 लाख रुपये मूल्य की 16.8205 आयतन लकड़ी जब्त कर तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।


65 मामलों में 61 अब भी लंबित


कार्रवाई के साथ ही मुकदमों के निस्तारण की रफ्तार भी सवालों के घेरे में है। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक कुल 65 असाधारण मामले दर्ज हैं, जिनमें 61 मुकदमे अभी लंबित हैं और केवल चार मामलों का निस्तारण हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब लगातार कार्रवाई और गिरफ्तारी हो रही है तो मामलों का कानूनी निष्कर्ष इतनी धीमी गति से क्यों निकल रहा है।


95.58 लाख जुर्माना वसूला, नीलामी से 37.96 लाख राजस्व


वन विभाग ने बीते तीन वर्षों में तस्करी और अवैध कटान से जुड़े मामलों में कुल 95.58 लाख रुपये जुर्माना वसूला है। वर्ष 2023-24 में 37.45 लाख, 2024-25 में 15.38 लाख और 2025-26 में 42.74 लाख रुपये की वसूली दर्ज की गई।


वहीं जब्त लकड़ियों की नीलामी से उत्तर प्रदेश वन निगम को तीन वर्षों में 37.96 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। हालांकि, डिपो में लंबे समय से पड़ी जब्त लकड़ियों की स्थिति और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।


67 प्रतिशत पद खाली, नेपाल सीमा से लगा है संवेदनशील वन क्षेत्र


सोहगीबरवा प्रभाग के सामने एक बड़ी चुनौती कर्मचारियों की कमी भी है। नेपाल सीमा से सटे इस संवेदनशील वन क्षेत्र में करीब 67 प्रतिशत पद खाली बताए जा रहे हैं। सीमित मानव संसाधन के बीच जंगल की निगरानी, अवैध कटान रोकने और तस्करी पर नियंत्रण की जिम्मेदारी वन विभाग की टीमों पर है।


डीएफओ बोले- नेटवर्क से जुड़े लोगों पर भी होगी कार्रवाई
प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सर्वे ने कहा कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। अवैध कटान और लकड़ी तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है और तस्करों के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों की कमी के बावजूद टीमें चौबीसों घंटे निगरानी में जुटी हैं।


अब निगाह इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा लकड़ी काटने और ढोने वालों से आगे बढ़कर उस पूरे तंत्र तक पहुंचता है या नहीं, जहां जंगल से निकलने वाली लकड़ी का कारोबार और खपत होती है।

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