नहर की पटरी पर झाड़-झंखाड़ का कब्जा, राहगीरों व छात्रों की बढ़ी परेशानी

बरवा चमैनिया से बरगदवा माधोपुर तक नहर पटरी पर उगी झाड़ियों से रास्ता संकरा, सफाई की मांग
हर्षोदय टाइम्स /बिमलेश कुमार पाण्डेय
घुघली, महराजगंज। बरवा चमैनिया से बरगदवा माधोपुर तक जाने वाली नहर की पटरी इन दिनों दोनों तरफ उगी घनी झाड़ियों, नरकट और मूंज के कारण आवागमन के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। लंबे समय से पटरी की समुचित सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह झाड़ियां रास्ते की ओर फैल गई हैं, जिससे मार्ग काफी संकरा हो गया है।
यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लोगों के साथ-साथ स्कूली छात्रों, किसानों और प्रतिदिन आने-जाने वाले राहगीरों के लिए महत्वपूर्ण है। नहर की पटरी सिकुड़ने से विशेष रूप से साइकिल और पैदल चलने वाले छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और दोपहर के समय स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को झाड़ियों के बीच से गुजरना पड़ता है। कई स्थानों पर झाड़ियां इतनी अधिक फैल गई हैं कि साइकिल लेकर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पटरी पर दो वाहन आमने-सामने आ जाने पर उन्हें पास कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। संकरे रास्ते और झाड़ियों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। वहीं किसानों को भी अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि झाड़ियों के कारण कई स्थानों पर दृश्यता भी प्रभावित हो रही है। सामने से आने वाले वाहन या राहगीर का समय रहते पता नहीं चल पाता, जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है। लोगों ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन इसी रास्ते का उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर पटरी का स्थलीय निरीक्षण कर दोनों तरफ उगी झाड़ियों, नरकट और मूंज की तत्काल सफाई कराएं। उनका कहना है कि समय रहते कटाई और सफाई नहीं कराई गई तो बरसात के बाद झाड़ियां और अधिक फैल सकती हैं और आवागमन पूरी तरह बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई करते हुए नहर की पटरी को साफ कराकर आवागमन के लिए सुरक्षित और सुगम बनाने की मांग की है।



