उत्तर प्रदेशमहराजगंज

नेपाल की तबाही का असर सीमा पार, नारायणी में बहकर पहुंच रहे शव और मलबा


बैरियर लेक टूटने के बाद बढ़ी चिंता, महराजगंज के नदी तटीय इलाकों में प्रशासन अलर्ट



हर्षोदय टाइम्स | बिमलेश कुमार पाण्डेय


महराजगंज। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब भारत-नेपाल सीमा से लगे महराजगंज जिले के नदी तटीय क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। तिब्बत क्षेत्र में बैरियर लेक टूटने के बाद नेपाल की नदियों में अचानक बढ़े जलप्रवाह ने चिंता बढ़ा दी है। इसका प्रभाव नारायणी नदी के रास्ते भारतीय क्षेत्र तक पहुंच रहा है। नदी के साथ बहकर शवों, घरेलू सामान, गैस सिलेंडरों और भारी मात्रा में मिट्टी-मलबे के आने की सूचनाओं ने तटीय गांवों के लोगों को भयभीत कर दिया है।


नेपाल में बाढ़ की विभीषिका के बाद नारायणी नदी में बहकर आए शवों के महराजगंज और आसपास के इलाकों तक पहुंचने की खबरों से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अलग-अलग स्थानों पर नदी में शव मिलने की सूचनाओं के बाद नदी तटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। नदी के तेज बहाव के साथ लकड़ी, सिल्ट, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य मलबा भी लगातार बहकर आने की बात सामने आ रही है।


जलप्रवाह के साथ आ रही सिल्ट बनी नई चुनौती


ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ का खतरा केवल पानी बढ़ने तक सीमित नहीं है। नेपाल की ओर से आने वाली भारी मात्रा में सिल्ट और मलबा नदी के किनारों तथा निचले इलाकों के लिए नई परेशानी पैदा कर सकता है। बताया जा रहा है कि बड़ी मात्रा में जमा हो रही सिल्ट नदी के प्राकृतिक प्रवाह को भी प्रभावित कर सकती है। बच्चों के शव और घरेलू सामानों के बहकर आने की खबरों ने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।


नदी किनारे बसे गांवों के लोग एहतियातन सतर्कता बरत रहे हैं। ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से नदी के समीप नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। खासकर बच्चों को नदी तट से दूर रखने के लिए परिवारों को सतर्क किया गया है।


जलस्तर सामान्य, लेकिन खतरा टला नहीं


फिलहाल नारायणी नदी का जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है, जिससे तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है। इसके बावजूद नेपाल में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण सीमा पार से अचानक अधिक पानी आने की आशंका बनी हुई है। यही वजह है कि नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।


नेपाल की त्रासदी के निशान जिस तरह नदी के रास्ते भारतीय सीमा तक पहुंच रहे हैं, उसने तटीय आबादी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
.site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}