उड़ीसाभुवनेश्वर

व्यवस्था पर सवाल: बहन की मौत का सबूत देने कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई


तीन महीने पहले हुई मौत के बाद भी नहीं निकल सके पैसे, मजबूरी में उठाया दिल दहला देने वाला कदम



भुवनेश्वर/क्योंझर। व्यवस्था की जटिलता और संवेदनहीनता का एक बेहद मार्मिक मामला ओडिशा से सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। क्योंझर जिले के एक आदिवासी युवक को अपनी मृत बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध है।


जानकारी के अनुसार, दियानाली गांव निवासी जीतू मुंडा की बहन कालरा मुंडा का करीब तीन महीने पहले निधन हो गया था। बहन के बैंक खाते में जमा 19,300 रुपये निकालने के लिए जीतू कई बार बैंक के चक्कर काट चुका था। लेकिन हर बार उसे कागजी प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं के चलते निराश होकर लौटना पड़ा।


बताया जा रहा है कि बैंक कर्मियों ने उससे खाताधारक की उपस्थिति या फिर मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा। सीमित संसाधनों और जानकारी के अभाव में यह प्रक्रिया पूरी कर पाना जीतू के लिए संभव नहीं हो सका। अंततः वह इस कदर मजबूर हो गया कि उसने अपनी बहन का कंकाल ही कब्र से निकाल लिया और उसे कंधे पर रखकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गया, ताकि वह अपनी बात साबित कर सके।


यह घटना न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आज भी जागरूकता और सुविधाओं का कितना अभाव है। मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी इस घटना ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है और व्यवस्था को अधिक सरल और मानवीय बनाने की मांग उठने लगी है।

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