उत्तर प्रदेश

ग्रामीण पत्रकारिता में संघर्ष और जोखिम दोनों शामिल : अग्रवाल


मुजफ्फरनगर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा जिला मुख्यालय पर “ग्रामीण पत्रकारिता एक जोखिम भरा कार्य” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने भाग लिया।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता सच्ची समाजसेवा है, जिसमें संघर्ष और जोखिम दोनों शामिल हैं। किसी भी समाचार का महत्व तभी है जब उसके साथ समाधान भी सामने आए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले पत्रकारिता का दायरा शहरों तक सीमित था, लेकिन अब यह गांव-गांव तक पहुंच चुकी है।


विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि पत्रकार समाज की छोटी-बड़ी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर जनहित में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संघर्षशील पत्रकारिता में जोखिम स्वाभाविक है और इसके बावजूद पत्रकार अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।


संगोष्ठी में सहारनपुर मंडल अध्यक्ष ओमवीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता में संघर्ष और जोखिम दोनों बराबर रूप से मौजूद हैं। सहारनपुर के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने पत्रकारों को सलाह दी कि वे खबरों में संतुलन बनाए रखें और किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात न करें। कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार आनंद प्रकाश, संजीव चौधरी, संजीव तोमर और तरुण पाल ने भी संबोधित किया।


कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहिताश कुमार वर्मा ने किया, जबकि जिलाध्यक्ष संजय राठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। अंत में प्रतिभागियों को कार्ड वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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