एसडीओ कार्यालय में तैनात वनरक्षक पर रिश्वतखोरी के आरोप, जांच की उठी मांग

परमीट व कार्यालयी कार्यों के बदले ₹500 से ₹1000 लेने का आरोप, वन प्रेमी ने डीएफओ को सौंपा शिकायत पत्र
महराजगंज। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के महराजगंज स्थित एसडीओ कार्यालय में तैनात एक वनरक्षक पर परमीट जारी करने और अन्य कार्यालयी कार्यों के नाम पर कथित रूप से अवैध धन उगाही किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता एवं वन प्रेमी एस. यादव ने प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार पकड़ी वन रेंज में वनरक्षक पद पर तैनात अरविंद श्रीवास्तव वर्तमान में एसडीओ कार्यालय में बाबू का कार्य देख रहे हैं। आरोप है कि कार्यालय में आने वाले लोगों से परमीट जारी करने, फाइलों के निस्तारण और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए ₹500 से ₹1000 तक की धनराशि मांगी जाती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना धनराशि दिए सामान्य कार्य भी समय पर नहीं किए जाते, जिससे आम नागरिकों और विभागीय कार्य से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एस. यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित वनरक्षक को कार्यालय स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीओ महराजगंज सुनील सिंह ने बताया कि अरविंद श्रीवास्तव वनरक्षक हैं और वर्तमान में उनके कार्यालय में कार्यरत हैं। हालांकि, उन्होंने लगाए गए आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।
वहीं, पकड़ी वन रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सुशांत मणि त्रिपाठी ने पुष्टि की कि अरविंद श्रीवास्तव वनरक्षक पद पर कार्यरत हैं, लेकिन वर्तमान समय में रेंज कार्यालय के बजाय एसडीओ कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी राजेंद्र निरंजन सुर्वे ने बताया कि संबंधित कर्मचारी को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें वर्तमान तैनाती स्थल से हटाया जाएगा।



