न्यायालय परिसर में बदहाल सफाई व्यवस्था, शौचालय की दुर्दशा से वादकारी परेशान

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। जिला मुख्यालय स्थित सिविल कोर्ट परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। न्यायालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंचने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा भी बदहाल स्थिति में मिल रही है। परिसर के पुरुष शौचालय की स्थिति देखकर लोगों में नाराजगी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शौचालय की फर्श पर गंदगी और पानी जमा है, जबकि कई स्थानों पर टाइलें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नियमित सफाई के अभाव में दुर्गंध फैली रहती है, जिससे उपयोग करने वालों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। यूरिनल के आसपास की दीवारों पर गंदगी और जंग के निशान साफ दिखाई देते हैं। साथ ही जल निकासी व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।
अधिवक्ताओं और वादकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं, लेकिन शौचालयों की खराब स्थिति से सभी को परेशानी झेलनी पड़ती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका।
लोगों का मानना है कि न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का बेहतर होना आवश्यक है। गंदगी के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना रहता है, जिससे आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वादकारियों और अधिवक्ताओं ने जिला जज तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय परिसर के शौचालयों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि न्यायालय आने वाले लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।



