कर्मचारियों की अनदेखी पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उठाई आवाज

डीएम को सौंपा ज्ञापन, जीपीएफ-एनपीएस व सेवा पुस्तिका दुरुस्त कराने की मांग
लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति का शीघ्र भुगतान और संविदा कर्मियों को समय से मानदेय देने पर जोर
गोरखपुर। कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों से जुड़े अभिलेखों को दुरुस्त कराने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग की।
परिषद ने जीपीएफ/एनपीएस पासबुक एवं सेवा पुस्तिका तत्काल अपडेट कराने, मानव संपदा पोर्टल की गलत प्रविष्टियों को संशोधित कराने तथा एनपीएस कर्मचारियों के PRAN कार्ड का विवरण दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय से मानदेय दिलाने पर भी जोर दिया।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित मामलों को लेकर परिषद ने विशेष चिंता जताई। पंचायती राज, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लंबित भुगतान की समीक्षा कर शीघ्र भुगतान कराने तथा गंभीर बीमारी और दुर्घटना से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने की मांग की गई।

परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों में त्रुटियां और चिकित्सा प्रतिपूर्ति में देरी उनके हितों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने विभागवार अभियान चलाकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
इसके अलावा परिषद ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सेवानिवृत्ति के समय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विभाग के अगले उच्च पद का सम्मानसूचक पदनाम दिए जाने की नीति बनाने की मांग भी की है। परिषद के अनुसार इससे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के दशकों तक सेवा करने वाले कर्मचारियों के आत्मसम्मान और सामाजिक गरिमा को बढ़ावा मिलेगा।
इस दौरान अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, सौरभ श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, सुभाष पांडेय, रामधनी पासवान सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।



