मनरेगा में ‘कागजी मजदूरों’ का खेल! बिना काम के भरी जा रही हाजिरी, आंगनबाड़ी निर्माण में फर्जीवाड़ा उजागर

परतावल ब्लॉक के मोहम्मदा गांव में ग्रामीणों ने खोली पोल, प्रधान व रोजगार सेवक पर मिलीभगत के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार लिंटर लगने के बाद काम बंद हो गया है, फिर भी कागज में हाजिरी भरी जा रही
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। जिले के परतावल ब्लॉक स्थित ग्राम सभा मोहम्मदा में मनरेगा योजना के तहत चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां बिना मजदूरों के ही मास्टर रोल में हाजिरी भरकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगा है।
ग्रामीणों के अनुसार, मनरेगा के चार मास्टर रोल 6309, 6310, 6321 और 6327 में रविवार को 16 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि मौके पर एक भी मजदूर काम करता नहीं दिखा। ग्रामीणों ने जीपीएस आधारित फोटो के माध्यम से वास्तविक स्थिति उजागर की, जिससे पूरे मामले की पोल खुल गई।
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र की छत की ढलाई करीब तीन-चार दिन पहले ही पूरी हो चुकी है और उसके बाद से निर्माण स्थल पर कोई गतिविधि नहीं हो रही है। इसके बावजूद कागजों में लगातार मजदूरों की हाजिरी दिखाकर भुगतान निकालने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीण सुदामा, कमलावती, विमला, बासमती, महेश और दिलीप सहित कई लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से कोई मजदूर काम पर नहीं आया, फिर भी ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हाजिरी दर्ज की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक की मिलीभगत से चुनिंदा नामों पर फर्जी उपस्थिति दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
इस मामले में जब रोजगार सेवक मनमोहित चौधरी से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि “आज एक भी मजदूर कार्य स्थल पर नहीं आया।” वहीं ग्राम प्रधान वीरेंद्र ने पहले मामले से अनभिज्ञता जताई, लेकिन बाद में कहा कि हाजिरी मेठ द्वारा लगाई जाती है। हालांकि मनरेगा पोर्टल पर हाजिरी रोजगार सेवक के लॉगिन से दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद संदेह और गहरा गया है।
उधर, परतावल ब्लॉक के मनरेगा एपीओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



