पत्रकार उत्पीड़न के विरोध में एकजुट हुआ संगठन, डीआईजी को सौंपा ज्ञापन

फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच की मांग, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
अलीगढ़/महराजगंज। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने पत्रकारों के उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों के विरोध में मुखर रुख अपनाते हुए बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अलीगढ़ परिक्षेत्र प्रभाकर चौधरी को ज्ञापन सौंपा। मंडल अध्यक्ष राज नारायण सिंह और अलीगढ़ जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पाराशर के नेतृत्व में पहुंचे पत्रकारों ने एटा जनपद के जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमों को षड्यंत्रपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी को अवगत कराया कि पंकज गुप्ता को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाकर झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष को न्याय मिल सके।
डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मंडल अध्यक्ष राज नारायण सिंह ने कहा कि पत्रकारों का दमन लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी पत्रकार भ्रष्टाचार या अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें झूठे मामलों में उलझाने की कोशिश की जाती है। वहीं, जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पाराशर ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनकी आवाज दबाने का प्रयास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपने पत्रकार साथियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।
इस दौरान मंडल महामंत्री विवेक शर्मा, हाथरस जिलाध्यक्ष शंभूनाथ पुरोहित, एटा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता, कोल तहसील अध्यक्ष अमित वाष्र्णेय, इगलास तहसील अध्यक्ष सुनील गुप्ता सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।



