ईरान-इजरायल तनाव की मार: भदोही के कालीन उद्योग को 6-7 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका

भदोही / वाराणसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत के प्रमुख निर्यात उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। कालीन नगरी के रूप में प्रसिद्ध भदोही जिले का कालीन उद्योग इस वैश्विक संकट से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हवाई और समुद्री मार्ग बाधित होने से विदेशों को भेजे जाने वाले सैकड़ों कंटेनर बंदरगाहों पर रुके पड़े हैं, जिससे करीब 6 से 7 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर लगभग ब्रेक लग गया है। भदोही और मिर्जापुर क्षेत्र के कालीन कारोबारियों का कहना है कि कई देशों के लिए तैयार माल शिपमेंट के इंतजार में अटका हुआ है। कंटेनरों के लंबे समय तक बंदरगाहों पर खड़े रहने से उनके चार्ज भी दोगुने हो गए हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है। उद्योग से जुड़े लोगों ने केंद्र सरकार से राहत और सहयोग की मांग की है।
कालीन कारोबारी व काका ग्रुप के चेयरमैन वाई.के. राय उर्फ काका ने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण निर्यात पूरी तरह प्रभावित हो रहा है और करोड़ों रुपये का व्यापार दांव पर लगा है। वहीं निर्यातक दर्पण बरनवाल का कहना है कि विदेशों के खरीदार भी असमंजस में हैं और जो माल रास्ते में फंसा है, उस पर भी छूट की मांग की जा रही है।
निर्यातक तनवीर हुसैन के अनुसार उड़ानों और समुद्री मार्गों के प्रभावित होने से नए ऑर्डर भी लटक गए हैं। उन्होंने बताया कि भदोही का कालीन उद्योग केवल बड़े व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो लगभग 20 लाख लोगों के रोजगार पर संकट गहरा सकता है।



