गैस किल्लत से काशी में नहीं बन सका माँ अन्नपूर्णा का महाप्रसाद, खाली हाथ लौटे श्रद्धालु

अन्नदान की प्राचीन परंपरा प्रभावित, गैस आपूर्ति व नियमों पर उठे सवाल
काशीनाथ पाण्डेय ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी। धर्मनगरी काशी में शनिवार को एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गैस की किल्लत और आपूर्ति से जुड़े नियमों के चलते माँ अन्नपूर्णा मंदिर में प्रतिदिन बनने वाला महाप्रसाद तैयार नहीं हो सका। इस कारण मंदिर पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को बिना प्रसाद के ही लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, माँ अन्नपूर्णा मंदिर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में महाप्रसाद तैयार किया जाता है, जिसे श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों में वितरित किया जाता है। इसे काशी की प्राचीन ‘अन्नदान’ परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। लेकिन शनिवार को गैस सिलेंडरों की उपलब्धता न होने तथा आपूर्ति से जुड़े कुछ प्रशासनिक नियमों के कारण रसोई नहीं चल सकी।
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस की आपूर्ति में आई बाधा के कारण प्रसाद बनाने की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। परिणामस्वरूप दूर-दराज से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा।
धर्मनगरी काशी में अन्नदान की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे माँ अन्नपूर्णा की कृपा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में प्रसाद न बन पाने की घटना से भक्तों में मायूसी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने गैस आपूर्ति की व्यवस्था को सुचारु करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।



