फर्जी बिलों के सहारे विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप, कुआं मरम्मत भुगतान पर उठे सवाल

डेढ़ वर्ष से बंद फर्म के नाम पर 48,846 रुपये का बिल अपलोड, जांच की मांग
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
परतावल/महराजगंज। परतावल विकासखंड की ग्राम पंचायत धनहा नायक में 15वें राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत कराए गए कुआं मरम्मत एवं सफाई कार्य में फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार 25 मई 2026 को कुआं मरम्मत एवं सफाई कार्य के लिए मटेरियल, मजदूरी तथा अन्य मदों में भुगतान दर्शाया गया है। भुगतान से संबंधित अभिलेखों में मेसर्स बिन्द्रावती इंटरप्राइजेज, कंसल्टिंग इंजीनियर मेराज आलम, रीता देवी, सुमिना यादव समेत अन्य के नाम दर्ज हैं।
मामले में सबसे गंभीर आरोप मेसर्स बिन्द्रावती इंटरप्राइजेज के नाम से 48,846 रुपये का बिल अपलोड किए जाने को लेकर लगाया गया है। अभिलेखों में उक्त फर्म द्वारा ईंट की आपूर्ति दर्शाई गई है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि यह बिल संदिग्ध है और फर्म की जानकारी के बिना उसके नाम का उपयोग किया गया है।
जानकारी के अनुसार फर्म संचालक अमरनाथ तिवारी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि वह पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके फर्म के नाम से ईंट आपूर्ति दर्शाकर बिल लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस संबंध में सचिव से बातचीत कर अपने फर्म के नाम का दुरुपयोग न करने की बात कहेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताओं का खेल चल रहा है, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी परतावल अर्जुन कुमार चौधरी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। वही उन्होंने कहा कि ईंट की खरीद-बिक्री का भुगतान संबंधित ईंट उद्योग के वैध बिल पर होना चाहिए। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



