पेट्रोल पंप की जमीन का किराया बंद होने से बढ़ा विवाद, नाली तक पहुंची रार

भूमि मालिकों ने लगाया अनुबंध उल्लंघन और धमकी देने का आरोप, एसपी से की थी शिकायत
पनियरा, महराजगंज। हसखोरी-महुअवा में पेट्रोल पंप के लिए किराये पर दी गई जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कई आरोपों के बीच उलझता नजर आ रहा है। भूमि मालिकों का आरोप है कि निर्धारित अवधि तक किराया देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। बकाया किराये और पारिवारिक बंटवारे को लेकर बढ़े विवाद ने कथित तौर पर पुरानी रंजिश का रूप ले लिया, जिसका असर नाली से जुड़े विवाद पर भी पड़ा। मामले में भूमि मालिकों ने 19 अगस्त 2025 को पुलिस अधीक्षक महराजगंज से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
20 वर्ष के अनुबंध पर दी गई थी जमीन
शिकायत के अनुसार, अशोक वर्मा, सुनील वर्मा, अनिल वर्मा और स्वर्गीय पारसनाथ वर्मा की पत्नी सुमित्रा देवी ने आराजी संख्या 759 की 0.057 हेक्टेयर भूमि पेट्रोल पंप निर्माण के लिए किराये पर दी थी। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच 20 वर्ष तक प्रतिमाह 20,500 रुपये किराया देने का अनुबंध हुआ था। भूमि मालिकों का कहना है कि आठ मार्च 2021 से 25 सितंबर 2022 तक विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से किराये का भुगतान किया गया, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद हो गया।
बकाया किराये से बढ़ी तल्खी, धमकी देने का भी आरोप
भूमि मालिकों की शिकायत में बकाया किराये के अलावा पारिवारिक बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ने का जिक्र किया गया है। उनका आरोप है कि स्टांप पेपर की चोरी का आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जमीन के किराये को लेकर शुरू हुई तनातनी आगे चलकर नाली विवाद से भी जुड़ गई।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
भूमि मालिकों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बकाया किराये के भुगतान के लिए उचित कदम उठाने की मांग की थी। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरे पक्ष का बयान और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



