नई दिल्ली

NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र


युवाओं के नाम खुले पत्र में बोले “देश के विद्यार्थियों का भविष्य किसी कानूनी उलझन में नहीं फंसना चाहिए”

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं और पिछले दिनों बने विवादों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपते हुए कहा कि देश के विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोपरि है और किसी भी परिस्थिति में उनकी पढ़ाई तथा भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।


युवाओं के नाम लिखे खुले पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से आहत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने का है।


उन्होंने कहा कि सरकार ने NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितता सामने आने के तुरंत बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी थी। परीक्षा रद्द करने के साथ ही पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया और भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा भी की गई।


पत्र में उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई, जबकि 16 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।


धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और विश्वास के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है और भविष्य में भी वे देश, ओडिशा की जनता तथा युवाओं के हित में कार्य करते रहेंगे।


उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले चार दशकों से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उनके अनुसार, एक मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की आधारशिला है।


NEET परीक्षा को लेकर हुए विवाद और देशभर में चले विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

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